Chapter 17 / 25, 4 मिनट
रुक, पहले देख
भावना कोई आदेश नहीं है। Urge कोई निर्देश नहीं देता। यह छोटी-सी याद दिलाहट उस फ़र्क़ को जीवित रखती है।
तुम्हारा मन और शरीर हमेशा तैयार खड़े रहते हैं — react करने के लिए। एक भावना उठी, एक urge हुई, और एक क्रिया हो गई। तुम इसे "spontaneity" कहते हो, या "अपना nature।"
यह nature नहीं है। यह एक पुरानी training है।
यह दो वाक्य हमारी पुरानी धारणा को हिला देते हैं — कि "जो feel हो रहा है, उस पर action लेना सही है।" असल में action एक चुनाव है, feeling नहीं।
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